झोपड़ियां तोड़कर जब महल बना दिया 

“विकास सिमट कर कुछ लोगों का हो जाता है;

झोपड़ियां तोड़कर जब महल बना दिया जाये तो समझ लीजिये विकास हुआ है”

– अमीर हाशमी