सोचता हूँ मर ही जाऊ…

सोचता हूँ मर ही जाऊँ आज,

कब्र पर ही सही कोई गुलाब तो छोड़ जाये.

Sochtaa hu mar hi jaau aaj,

Kabr par hi sahi koi gulab chhod jaaye.

#अमीरहाशमी की कलम से…