एक वो शख्स चाहिये

हज़ारों में मुझे सिर्फ़ एक वो शख्स चाहिये,
ग़ैर मौजूदगी में जो मेरी बुरायी ना सुन सके.
#अमीरहाशमी की कलम से…

Hazaro me mujhe sirf ek wo shakhs chahiye,
Gair maujudagi me jo meri burai na sun sake.
#byamirhashmi