Humari Mohabbat

 

Humari Mohabbat Lyrics

हीर रांझे की कहानी सुनी है कभी, कहते है वो लोग मुहब्बत में पागल हो गए थे,
हमारी कहानी कुछ अलग है, हमारी मुहब्बत की कहानी…

हमारी मुहब्बत बूँद की तराह है…
तड़पते देखा है ना, आसमान की बूँदों को सुर्ख़ ज़मीन के लिये,
मेरी बाहों में कस के जो थाम लेता हूँ तुम्हें तो घबराया ना करों,
तुम वैसे ही हो मेरी लिए, जैसे सहरा की बंजर ज़मीन को चंद बूँद नसीब हों….

हमारी मुहब्बत बारिश की तराह है…
जैसे तू बारिश है और बिजलियाँ गिराकर हाल-ए-दिल बयाँ करती है मुझसे,
और मैं तेरी ज़मीन हूँ, तेरा भी दर्द जाने है मेरे ज़मीन की वर्त…

हमारी मुहब्बत दरख़्त की तराह है…
गली में तुम्हारी जो पेड़ था जिसकी पत्तीयां सर्दियों में बिछ जाती थी सड़क पर,
मैं साल दर साल इंतज़ार करता हूँ ठण्ड के दिनों का… और तुम्हारा भी,
हां, वो पीली पत्तियां उस दरख़्त पर आ जाती है, हर साल… वादे के मुताबिक़,

हमारी मुहब्बत गंगा की तराह है…
सुना है काशी में मिल जाते है दो दरियाओं के दिल,
तू इंतेज़ार रख मेरी यमुना, मैं जो आन मिलूंगा तुझसे एक दिन,
तो पूरा हिन्दुस्तान हमारी पाक़ मुहब्बत की क़समें खायेगा,

हमारी मुहब्बत अलफ़ाज़ है…
किताबों में लिखे लफ्ज़ तो मुर्दा लाशें होतीं है,
तुझे सामने बिठाकर जब मैं बाते करता हूँ तुझे देखकर,
बस वही अल्फ़ाज़ ज़िंदा है, बस उन्हीं लफ़्ज़ों में साँसे हैं….

हमारी मुहब्बत ताज महल की तराह है…
कहते है बुरे लोग इतिहास बदल देते है अच्छे लोगों का,
देखना, जब ताज महल तोड़ दिया जायेगा इन फ़सादियों के हाथों,
और शाहजहाँ भी शायद कभी बदनाम होगा,
तो हमारी मुहब्बत की दास्तान सुनायेंगे लोग….

हमारी मुहब्बत रौशनी है…
वो समंदर को बाहों में लिए खड़ा था ना मैं,
जो तुम ना होती… तो खुद को सौप देता ख़ुदको वही कही समंदर की गहराइयों में,
तेरी रौशनी से मिलती है मुझको सदा, के ज़िन्दा हूँ मैं, के जीना है मुझे अभी, तेरी यादों के साथ….

 

Credit

  • Voice, Lyrics, Music : Amir Hashmi
  • Album: Humari Mohabbat
  • Released on 14 February, 2017
  • Gerne: Urdu, Hindi Nazm, Shayari, Love Peam, Sad, Romantic