One day in an year, Why don’t learn farming instead of planting some plants in front of camera.

I got a chance to learn farming with some friends and students in a nearby nursery, we sweat all day and also got some modern farming and compost information and trust me, taste a cup of tea after work in the buzzing afternoon It’s felt better then a 5 Stars Hotel’s coffee.
Mr. Chavan Singh was on a job since 1987, who is retiring in September this year, it is difficult to make the statement that I was able to see in the eyes of the person who created this paradise with his own hands.

Of course this news is not worth the media, because it is not organized by 1000 KB. I. High voltage drama. And I did not speech such today’s politicians, nor did had a poster banner in my hand, with environmentally slogans.

It’s a matter of fact, anyways,
Congratulations to the World Environment Day.



साल में एक दिन कुछ पौधे लगाते हुये फोटो खींचाने से बेहतर है क्यूँ ना फार्मिंग ही सीख ली जाय। आज नज़दीक की एक नर्सरी में कुछ दोस्तों और स्टूडेंट्स के साथ फार्मिंग सीखने का मौका मिला, हमने पूरा दिन पसीना बहाया और कुछ आधुनिक खेती और कम्पोस्ट की जानकारी भी हासिल की, बमुश्कित भरी दोपहरी में एक कप चाय का स्वाद यक़ीन कीजिये किसी 5 सितार होटल की कॉफी से बेहतर लगा.

चवन सिंग जी 1987 से यहाँ नौकरी पर थे, जो इस साल सितंबर में रिटायर हो रहें है, अपने हाथों से इस स्वर्ग का निर्माण करने वाले की आँखों में मैं जो सुकून देख पा रहा था, उसे बयान करना मुश्किल है।

ज़ाहिर है ये ख़बर मीडिया के काबिल नहीं है, क्योंकि इसका आयोजन 1000 के.बी. हाई वोल्टेज साउंड सिस्टम और पंडाल लगाकर नहीं किया गया था और क्योंकि मैं नेताओँ के मंच पर हर बार की तरह मंजे-सुरीले भाषण देने नहीं गया था, ना ही मेरे हाथ में कोई पोस्टर बैनर था जिसमे बड़े-बड़े शब्दो में पार्यावरण के नारे लिखें गए हों।

एक बात की बात है, खैर जाने दो… पर्यावरण दिवस की बधाईयाँ


How to Celebrate World Environment Day in Home, School, Collage, Office, Social Media, and Colony. Read Some Useful Activities by our team.


  1. Switch off all unnecessary lights on the eve and conserve energy
  2. Take food in plate as much as you eat to avoid creating leftover
  3. Don’t use your vehicle HORN today
  4. Instead of bucket use half bucket to take bathing
  5. Re-use at least one used item on that day and make it your habit
  6. Instead of throwing away, feed the leftover food to birds and animals
  7. Take public transportation today
  8. Get involved in a conservation, restoration, or local environment day event.  
  9. Visit your garden space and plan what to do with it.



  1. Instead of personal transport use public transport to come to office and go back to home
  2. Take print out on both sides of the paper if it is not required otherwise
  3. Switch off lights of your room or around your seat if you go out for lunch
  4. Find all papers that were used on one side and make it a rough note-book
  5. Write a message on environment and put it on your desk top
  6. With every message through mobile write a tag line reminding others about World Environment Day
  7. In lunch time talk with colleagues about the day and motivate them to take care of environment
  8. Collect old newspapers and sell them to any recycling company
  9. Make a promise to protect environment and paste it on notice board for others to follow
  10. If you are boss, send a general request letter to all employees to take care of environment
  11. On phone call after salutation also remind the caller about the day



  1. If you are a teacher deliver a speech in prayer assembly on significance of this day
  2. Arrange a speech competition among best debaters of the school on the importance of this day
  3. Organize a poster competition and give awards to makers of best posters
  4. Ask students to write about your surrounding environment
  5. Organize a skit competition among senior classes in a free period and give award to best performers
  6. Plant trees in free soil-space of the school
  7. Paste posters on notice board of different sections of school telling students what to do on this day



  1. Make cleanliness of the area on self-help basis
  2. If there is a garden in your area water its plants and clean rubbish from its grass
  3. If you can afford on contribution basis distribute environmental awareness handbills among community members
  4. Paste a poster at any eye-catching spot telling people about significance of this day
  5. Request the Church, Mosque and other religious services to incorporate green message in their sermons on coming congregation


  1. Write on your friends’ wall on Facebook about this day
  2. Make a poster and paste it on your timeline
  3. Develop ten small green slogans and share them on Twitter
  4. Take one picture of clean environment and one of polluted environment of your area and paste them on Pinterest with message telling the difference
  5. Whatever you read on internet about this day share it on all your social media account
  6. Search green groups on social media and share with them your concerns on environmental degradation
  7. Make a green promise and publicize it on social media
  8. Do an online survey to make people think about environmental pollution
  9. Organize a competition on social media to raise awareness about clean environment
  10. Do LIKE on others shares about this day to motivate many others to do more for environment
  11. Visit the website of World Environment Day and update yourself more
  12. Like the Page on Facebook of Pollution Pollution to know further about pollution and environment.

Celebrate World Environment Day. Share Post. 








(Unempleeyment in Bollywood, Human Trafficking & Casting Couch Prevantion)

“गुरु-शिष्य परम्परा” समाप्त हो चुकी हैं

अब वो युग और शताब्दी चली गई जब एक कलाकार सालो-साल किसी गुरू के यहाँ उनकी सेवा करके ज्ञान अर्जित किया करता था। ये रूढीवादी “गुरु-शिश्य परम्परा” पुरी तरह से समाप्त हो चुकी हैं। सत्य यह है कि आज कला से सम्बंधित सभी शिक्षा आधुनिक प्रारूप ले चुकी है। चाहे वो नृत्य हो या गायन, या चित्रकारी कला, इन कलओ से सम्बंधित सभी शिक्षा अब यू. जी. सी. व्दारा मान्यता र्पाप्त युनिवर्सिटी तथा मान्यता प्राप्त युनिवर्सिटी से के कॉलेजों मे दी जाती है। यहाँ तक की आज हमारे समृध्य भारत देश में ज्यादातर प्राचीन फ़ोक कला, नृत्य तथा संगीत भी आज मान्यता प्राप्त युनिवर्सिटी मे दी जाती है.

कलाकार की प्रारम्भिक समस्या

डाक्टर या इन्जीनियर बनने के लिए युवाओं को लगभग 26 से 30 साल तक का समय मिलता है, साथ मे सहुलियत और आर्थिक सहायता मिलती है यहां तक बैंक से भी लोन मिलता है कुल मिला कर हर तरह सुविधाएँ मिलती है पर एक कलाकार से उम्मीद की जाती है वे रातों-रात सूपरस्टार बन जाएं। 

आज की यूवा पीडी मे कुछ कर गुज़र जाने की चाहत तीर्व है लेकिन सही जानकारी औऱ सही मार्ग-दर्शन ना होने से एक बहुत बडा भ्रम फैला हुआ है और इसी भ्रम का फ़ायदा अलग-अलग रुप मे उठाया जाता है।

आज यूवा पीडी को सबसे बडा नुकसान “गुरु शिश्य परम्परा ” के नाम पर किये जाने वाले गोरख धंधे से हो रहा है। एसे गुरु शहर के छोटे-छोटे गलियों से ले कर मुंबई के 5 सितारा ऐकेडमी मे पाये जाते है। जहां फीस तो लाखों की है मगर शिक्षा की कोई मान्यता नहीं है।

अत्यन्त कुशल (हुनरमंद)

आम तौर पर 03 से 04 साल तक ये युवा किसी गैर मान्यता र्पाप्त संस्थानों से जुड़ जाते है, ऐसे में ज्यादातर छात्र जो 12वीं पास करने बाद मुंबई जाते है वे 4-5 साल के बाद बिना किसी मान्यता प्राप्त संस्थानों से स्टगल करते है, समय खराब करते है तथा शिक्षा  छोड़ चुके होते है, ऐसे में वे पूर्वतः बेरोजगार तथा अशिक्षित रह जाते है और वापस आ जाते है।

शिक्षा का आधुनिक माध्यम

हजारों सालो से आ चले आ रहे परम्परागत “धरानो” के बडे-बडे उस्ताद तथा आदरणीय गुरुजन अब भारत देश की किसी ना किसी युनिवर्सिटी से जुड़ कर युनिवर्सिटी के छात्र छाओ को ज्ञान देने का काम आधुनिक सिलेबस तथा डीग्री डिप्लोमा के रूप मे दे रहे है। अत: बहुत आवश्यक है की युवा वर्ग को देश के सभी मान्यता प्राप्त संस्थाओं से अवगत कराया जाएं जिससे की कलाकारों का भविष्य मुख्य धारा से जुडा रहे तथा आपने कला के जरिए रोज़गार प्राप्त कर सके।

ताज महल बनाने से पहले इंजीनियर बनो

जिस तरह यदि कोई युवा ताज महल बनाना चाहता है तो सबसे पहले आवश्यक है कि वह शिक्षा हासिल करे और इंजीनयर बने, उसी प्रकार एक कलाकार को सुपरस्टार बनने के लिए सम्बंधित शिक्षा हासिल करनी ही होगी।



Film & Television Institutes 

  • Film and Television Institute of India, PuneContact information: Film and Television Institute of India, Law College Road, Pune – 411 004 (Maharashtra)  Phone: 91- 020- 25431817 / 25433016 / 25430017 Website:


  • Satyajit Ray Film and Television Institute (SRFTI), CalcuttaContact information: Satyajit Ray File & Television Institute,  E.M. By-Pass Road,  P.O.: Panchasayar,  KolKata (INDIA) 700094  Phone: +91 (033) 2432 8355 / 2432 8356  Email: Website:



  • Mass Communication Research Centre (MCRC)offers two year MA programme in various aspects of film making. Contact information: AJK Mass Communication Research Centre  Jamia Millia Islamia University  Maulana Mohammed Ali Jauhar Marg New Delhi -110 025  Phone: +91 11 2698 7285, +91 11 2698 6812, +91 11 2698 6813  Fax: +91 11 2698 6811  Email: Website:


  • EMPI Institute of Advertising & CommunicationContact Information: CSKM Educational, complex, Satbari, Mehrauli New Delhi -110030, Phone: 26805090, 26804210 Website:




  • International Institute of Mass MediaContact Information: International Institute of Mass Media  B-50, South Extension – I, New Delhi – 110049 Phone: 011-2465 4512, 2465 4514, 2462 6660 Fax: 011-2462 6670  E-mail:   Website:







“25 अप्रैल 2015” नेपाल में आई भूकंप त्रासदी की पीड़ा कम तो नहीं हो सकती थे,  लेकिन कलाकारों की जमात इस पर खामोश भी नहीं रह सकती थी.  कला से जुडी गैर राजनीतिक संस्था “म्यूज़िक फॉर यूँ” के तत्वाधान में छत्तीसगढ़ ही नहीं वरन पूरे विश्व में सोशल साइट्स के ज़रिये एक मुहीम चलाकर सभी कलाकारों और साहित्यकारों को नेपाल की त्रासदी के लिए एकत्र होने तथा पूरे विश्व में जहां कही भी “एक्ट ऑफ़ गॉड” (कुदरती कहर) की धटनाऍ होती है, भूकम्प, ज़लज़ला, बाढ़, सूनामी, सूखा, चक्रवाती तूफ़ान, महामारी, अकाल इत्यादि के लिए ईश्वर से यह अपील की गयी कि  “क्यूँ ऐसा होता हैं”  इस मुहीम में हिंदुस्तांन के कोने कोने से तथा देश के बाहर जैसे चाईना, अमेरिका, ब्राज़ील, साऊदी अरेबिया, ऑस्ट्रेलिया इत्यादि देशों से अलग अलग नामचीन कलाकारों ने अपने ट्रीब्युट्स (श्रद्धांजलिया) भेजी.  

Media Covrage

Music Launch

Tributes received for earthquake victims (Worldwide)

Original Lyrics:

Kyu Aisa Hota Hain (Lyrics)

क्यूँ ऐसा होता है, क्यूँ ऐसा होता है,
क्यूँ दिल ये रोता है, क्यूँ ऐसा होता है…

अंतरा (1)
राख हुए सपने है, मंज़र ये बदले – बदले है,
कैसा ये इन्साफ है, सज़ा कैसी कैसा राज़ है,
निगाहें ये पूछे तुझसे, ऐ मेरे ख़ुदा…

अंतरा (2)
आरज़ू टूटी – टूटी है, टूटा मेरा आशियाँ है,
खुशि्ों से भरा था जो, ख़ुदा जाने क्यूँ वो रूठा है,
परेशां से बन्दों की, बस ये है सदा…

अंतरा (3)
ज़ख्म मेरा कह रहा है, दर्द कि ये दास्ताँ हैं,
जिस्म से जो छीन ली है, वो सांसे अब कहां है,
नेपाल की कहानी, ऐ ख़ुदा अब इंतेहा है….

Music Composer & Singer: Amir Hashmi,

Lyricist: Rishi Walia, Associate Writers: Amit Bhardwaj & Amir Hashmi


अमृतसर गुरुद्वारा साहब की नींव मिया मीर साहब ने राखी थे, मेरे शहर के गुरुद्वारे की नींव सबके साथ कारसेवा करके मैंने रखी